कभी-कभी कुछ काम बड़े-बड़े लोग नहीं कर पाता। लेकिन कुछ ऐसे लोग होते है। जिसको हमलोग साधारण समझकर छोड़ देते है। लेकिन वही साधारण लोग ऐसा काम कर देता है। जिसे बड़े-बड़े लोग सोंच भी नहीं पाते है। वह साधारण व्यक्ति अपनी महानता की छाप समाज और देश के लोगों में बना लेता है। लेकिन कुछ लोग कुछ लोग उस व्यक्ति का महानता साबित हो जाने के बाद भी उसको स्वीकार नहीं करता है। वे लोग अपनी बडप्पन को साबित करने के लिए समाज के लोगों में उस महान व्यक्ति को दागदार करने की पूरी कोशिश करते रहते है। इसे व्यक्ति न कुछ करते है, न कुछ करने देते है। ये लोग सिर्फ अपने आपको सुपर या दुसरे देशो के मोहताज और उसका पिछलग्गू करता रहता है। अगर हमारे देश के लोगों में कुछ करने का ताक़त और होसला है तो हम दुसरे देशों पर मोहताज क्यों?
हमलोग बात कर रहे है। उतर प्रदेश की मुख्यमंत्री बहन मायावती की जिन्होंने उतर प्रदेश में लगभग चार वारों से मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान है। जो भारत के सबसे अधिक आबादी वाला बड़ा राज्य है। साधारण दलित परिवार में जन्मी मायावती ने अपने बल बूते उतर प्रदेश बदलने की पूरी कोशिश किया है। जो दिखता भी है। लेकिन फिर भी कुछ लोगो के अनुसार मायावती सही नहीं है। लेकिन यहाँ सवाल यह खड़ा होता है की उतर प्रदेश की जनता वार-वार मायावती को वोट देकर क्यों जीत दिलाता है? जरुर अच्छा काम कर रही है। अगर उतर प्रदेश में जाकर देखा जाय तो आपको वहन का सारा रूप रेखा बदला हुआ नजर आएगा। उतर प्रदेश को आजादी के बाद का सूरत और आज सूरत देखें तो आपको बहुत बड़ा परिवर्तन दिखेगा। शायद, इस परिवर्तन को देखकर देश की बड़ी-बड़ी राजनीती पार्टी को बर्दास्त नहीं हो रहा है। या अपनी पार्टी को मायावती की पार्टी के सामने छोटा दिखने लगा है। जिस कारण ये लोग सही को भी गलत साबित करने लगता है। हमलोगों को बहुत अफ़सोस होता है की आज भी भारत के राजनीतिक पार्टी आम जनता को वेवकूफ या मुर्ख समझता है। हमेशा जनता को अपनी दाव-पेंच में फंसाने का कोशिस करता रहता है। लेकिन इन लोगों को समझना चाहिए की आज भारत के २१ वीं सदी के लोग शिक्षित और समझदार है। अब जनता राजनीती पार्टी मुर्ख बनता है। वह काम करने वाले लोगो को महत्व देता है, लालच और भाषण देने वाले लोगों का नहीं। यही कारण है की आज राजनीती पार्टी का महत्व खत्म हो रहा है। जनता सिर्फ व्यक्ति विशेष को ही महत्व देता है।
हाल ही में, मायावती ने उतर प्रदेश में बड़े-बड़े पार्क का निर्माण करवाए, जिसमे करोडो रुपया लगा। उस पर भी राजनीती शुरू हो गया। राजनीती पार्टी के लोगो कहना है की गरीबो का सारा रुपया खर्च कर दिया और खा गया। इससे पहले कितने राजनीतिक नेता करोडो रुपया का घोटाला कर दिया। उस पैसे का कोई आता-पता भी नहीं चला। उसमे कुछ लोग आज जेल में भी है। कुछ लोग बाहर है। आखिर कोन-सी राजनीती पार्टी सही है। लेकिन मायावती ने अपने राज्य को एक सुंदर रूप देने के लिए पैसों का खर्च किया है। जहाँ तक गरीबी का सवाल है। तो भारत के सभी राज्यों गरीबी है। चाहे दिल्ली जैसा शहर क्यों न हो? गरीबी यहाँ भी। मायावती ने अपने राज्य में बहुत सारे काम करवाए, ये सब मायावती अपने लिए नहीं किया या किसी एक जाति और वर्ग के लिए नहीं। इसका इस्तेमाल समाज और राज्य के सभी लोग करेगा। बहुत साड़ी बातें है जिसको हमलोगों को राजनीती, जाति और वर्ग से दूर हटकर सोंचना होगा। इसी में हमारे देश और समाज का भलाई है। क्योंकि अब समय बदल चूका है। जितना जल्दी हमलोग खुद को बदलेंगे उतना जल्दी हमारा समाज और देश बदलेगा। अगर कोई अच्छा काम कर रहा है। तो उसके काम का वाह-वाही होना चाहिए जिससे आने वाले समय में राजनीतिक पार्टी को काम से जाना जाय।